Friday, 8 December 2017

बहन की चुड़क्कड़ सास


ये कहानी आज से तक़रीबन 2 साल पहले की है, उस वक़्त मेरी कज़िन बाजी (मेरी खाला की बेटी) शनो की नई नई शादी हुई थी, और वो लाहोर शिफ्ट हो गई थी, मेरी बाजी के सुसराल मैं उनके एक फादर-इन-लॉ, एक मदर इन लॉ रहते थे, बाक़ी मेरे ब्रदर इन लॉ मिड्ल ईस्ट मैं जॉब करते थे.
मेरी बाजी के फादर-इन-लॉ एक राइटर थे, वो सुबह से लकर् रात तक अपनी स्टडी मैं बंद रहते थे, सिर्फ़ खाना खाने के लिए कमरे से बाहर आते थे, उसके बाद उनको किसी से कोई मतलब नही होता था.
मेरी बाजी की मदर इन लॉ की उम्र तक़रीबन 48 इयर थी, सुडोल जिस्म की औरत थी यक़ीनन जवानी मैं बोहत सेक्सी रही होंगी, क्युकि अब भी उनकी चुचिया और गांड दैख कर लगता है की जवानी मैं मोहल्ले के काफ़ी नौजवानों को खराब किया होगा, बोहत खुश मिज़ाज थी, घर मैं अक्सर साड़ी पहनती थी..
और बोहत बड़े गले वाला ब्लाउस भी, उनको अक्सर घर के काम मैं ये ध्यान नही रहता था के उनका पल्लू ज़मीन पर गिर गया है और उसकी वजह से उनकी बड़ी बड़ी चुचियाँ दिख रही हैं.
शायद वो जान बुज कर ऐसा करती थी. इस उम्र मैं भी उन्होने अपने आपको बोहत मेनटेन किया हुआ था. रोज़ाना नहाने से पहले अपने बदन की सरसो के तैल से मालिश करती थी, फिर नहाने जाती थी.
मेरा नाम शहज़ाद है, उन दिनों मैं एक 18 साल का नवजवान था जिसने उन्ही दीनो 12 वी क्लास का एग्ज़ॅम दिया था, मैं अपनी सेहत का बोहत ख़याल रखता था, जिम वघेरह भी जाया करता था, और डाइयेट का भी बोहत ख़याल रखता था.
मेरा लंड तक़रीबन 6 इंच लंबा और 3 इंच के खरीब मोटा है, गर्मियों की छूटी थी तो मम्मी पापा से मैने किसी दूसरे सिटी जाना की रिक्वेस्ट की, तो मम्मी ने कहा के तुम अपनी बाजी के घर लाहोर चले जाओ, इस तरह तुम्हारी तफरीह भी हो जाएगी और तुम्हारी बाजी को कंपनी भी मिल जाएगी, पहले तो मैने ये अड्वाइज़ इग्नोर कर दी.
फिर सोचा की चलो इसी बहाने घर से निकालने का मौका तो मिलेगा, एक दो दिन बाजी के घर लाहोर मैं रहकर आगे मुर्री वाघेरा की सैर के लिए निकल जाऊन्गा , फॉरन समान बँधा और दूसरे दिन ही ट्रेन पकड़ के लाहोर के लिए निकल गया, तक़रीबन 30 अवर्स लंबा सफ़र करके लाहोर पहुचा बाजी के घर.
बाजी को बिना बताए आया था, सर्प्राइज़ था, बोहत खुश हुई, खुशी से गले लगा लिया, दूसरे कमरे से अपनी सास को भी बुला लिया, उन्होने भी गले लगाया, लेकिन उनका गले से लगना कुछ अजीब सा था, गले से लगते हुए कुछ ज्यादा ही आपनेपन से अपने सीने के उभार से मेरे सीने को दबाया, मुझे अजीब सा लगा.
खैर मैने नज़र अंदाज़ कर दिया. बाजी ने मुझे कहा की लंबा सफ़र कर के आए हो नहा लो फिर खाना खाते हैं, और मुझे मेरा कमरा दिखाने ले गईं.
ये कमरा 1स्ट फ्लोर पर था और उसके साथ एक खुला वारंडा भी था, मैं फॉरन नहाने चला गया, नहा के जब मैं वापस आया तो बाजी ने डाइनिंग टेबल पर खाना लगा दिया..
हम तीनों खाना खाने लगे, बाजी मेरे लेफ्ट साइड वाली चयेर पर बैठी थी, और उनकी सास मेरे सामने, खाने के दरमियाँ मुझे ऐसा लगा के वो खाना कम और मुझे ज्यादा देख रही हैं, खैर जैसे तैसे करके खाना खाया, उसके बाद आराम का कह के मैं अपने कमरे मैं आ गया.
थकान की वजह से जल्दी नींद आगाई, रात तक़रीबन 1 बजे मुझे लगा की मेरे बिस्तर मे मेरे बराबर कोई है, कमरे मैं अंधेरा था मैने पूछा कौन है.
तो किसी ने मेरे मुह पर अपना हाथ रख दिया, और धीरे से मेरे कान मैं कहा चुप रहो, , और मुझे समझने मैं समय नही लगा के ये बाजी की सास हैं, लेकिन हैरत की बात ये थी के वो यहाँ इस वक़्त यहा क्या कर रही हैं. उन्होने कहा के चुप रहो नही तो कोई आज़ाएगा.
फिर मैने उनका हाथ अपने बदन पर घूमता हुआ महसूस किया, मेरे सीने पर से होता हुवा वो हाथ मेरे नाफ़ से गुज़र कर मेरे लंड पर आ कर रुक गया.
उनका हाथ लगना था मेरे लंड ने अंगड़ाई ली और अपनी असली हालत मैं आने लगा, और 2 मिनिट मैं ही खड़ा हो गया, उन्होने कहा के मेरे राजा जब से तुम को देखा है मैं अपनी ख्वाहिश को जो तक़रीबन 7-8 साल से दबा कर रखी थी क़ाबू ना कर सकी और अपनी बहू यानी तुम्हारी कज़िन की आँख बचा के तुम्हारे कमरे मैं आगाई.
उन्होने पूछा की किया तुम मेरी ये ख्वाहिश पूरी करोगे तो मैने फॉरन हामी भर दी.
उन्होने ये सुनते ही मेरी पैंट की ज़िप नीचे करनी शुरू करदी, और मेरे लंड को क़ैद से आज़ाद करने लग गईं, मेरा हाथ भी उनकी पीठ से होता हुआ उनकी चूचियों पर पहुच गया, और ब्लाउस के उपर से ही ज़ोर ज़ोर से उनके दोनो संतरो को दबाने लगा.
उनके मुह से सिसकारियाँ निकल रही थी, सीईई सीई ुआर ज़ोर से मेरे राजा और ज़ोर से, मैने ब्लाउस के बटन खोलने शुरू कर दिए, उन्होने अंडर ब्रा नही पहनी थी, मेरी ज़रा से कोशिश से उनके दोनो कबुतर आज़ाद हो गये, वा किया चुचियाँ थी, उसपर उनके निपल्स बोहत बड़े और बोहत खूबसूरत तक़रीबन काले काले थे.
उन्होने अपनी एक चुचि अपने हाथ मैं पकड़ कर मेरे मुह की तरफ कर दिया, और मेरे कान मैं कहने लगी “ खा जा इसे, बोहट दिन से किसी के होटो को तरस रहे हैं. मैने उनके एक निपल को मुह मैं ले लिया और खूब ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा.
वो मुह से आ आ सीईए सीई की आवाज़ निकल रही थी, उनके हाथ का ज़ोर मेरे लंड पर बढ़ता जा रहा था, फिर उन्होने मुझे पैंट उतरने को कहा, मैने कहा अभी लो जान, ये कहते हुए मैने अपनी पैंट का बटन खोल कर पैंट उतार दी, अब मैं उनके सामने अंडरवेर मैं था, उन्होने उसे भी उतरने को कहा, मैने वो भी उतार दी.

भाभी की लंड पर सवारी



हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमित है और में अहमदाबाद से हूँ. अभी के ज़माने में सेक्सी रिश्तों की कोई कमी नहीं होती है. में इंजीनियर हूँ और में अपने कज़िन की बीवी मतलब भाभी के साथ चालू कैसे हुआ? ये उसकी कहानी है. इंडियन लड़की के प्यार में पड़ना बहुत आसान है और जब उसके बूब्स और गांड मस्त हो तो बात ही बन जाए. मेरी भाभी एकदम परी जैसी थी और उसका नाम रानी था. उसका साईज 32-24-36 था और वो बहुत गोरी थी. उसकी उम्र 27 साल थी, लेकिन कोई कह नहीं सकता कि वो 22 साल की भी होगी. वो एक हाउसवाईफ है और में अक्सर उनके घर जाया करता था. वो भी मुझसे काफ़ी फ्रेंड्ली थी और में उसको सोचकर कई बार मुठ मारता था.
एक दिन मुझे उनके घर के नज़दीक एक बैंक में काम था तो में उस काम से गया, लेकिन बैंक वालों ने मुझे 2 घंटे तक इंतजार करने को कहा तो में रानी के घर चला गया. फिर मैंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन काफ़ी देर तक किसी ने दरवाजा नहीं खोला, फिर उनकी आवाज़ आई कि अमित ज़रा रुक जाओं में आती हूँ.
फिर जब वो आई तो में तो शॉक रह गया. अब उन्होंने सिर्फ़ एक टावल पहना हुआ था. फिर मैंने उनको सारी बात बताई तो उन्होंने कहा कि नो प्रोब्लम तुम यहाँ रुक सकते हो. जब भैया तो ऑफिस गये हुए थे, तो अब मुझसे रहा नहीं गया. मैंने कहा कि मुझे बाथरूम जाना है और में सीधा बाथरूम में जाकर हिलाने लगा, लेकिन जल्दी में मैंने दरवाजा बंद नहीं किया तो अचानक पीछे से मेरी भाभी ने मुझे देख लिया.
फिर उन्होंने कहा कि ये तुम क्या कर रहे हो? अब में तो डर गया था कि अब मर गये, लेकिन उन्होंने मुझे बाहर बुलाया और कहा कि जो तुम अंदर कर रहे थे, वो मेरे सामने करो नहीं तो में तुम्हारी माँ को सब बता दूंगी कि तुम क्या कर रहे थे? मेरा लंड अभी भी तना हुआ था, तो मैंने कहा कि मुझे शर्म आ रही है. वो बोली कि बेटा अंदर तो कुछ शर्म नहीं आ रही थी. में उनके मुँह से सुनकर यह शॉक हो गया. फिर मैंने सोचा कि आज उसको मेरा लंड दिखा ही देता हूँ.
फिर मैंने जीन्स की चैन खोल दी और मेरा लंड सीधा फंनफनाता हुआ तन गया. मेरा लंड 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है और थोड़ा सांवला है. फिर थोड़ी देर तक देखने के बाद वो बोली कि अब इसे हिलाओ तो सही. अब मुझे पता चल गया था कि यह चुदने के मूड में है. मैंने कहा अभी हिला देता हूँ, मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है.
फिर वो हंसने लगी और बोली कि ऐसे मेरे सामने खड़ा है, तुझे शर्म नहीं आती. मैंने कहा कि कैसी शर्म? अब में तुझे भी नंगी करूँगा ना. फिर तो उसने सीधा मेरा लंड पकड़कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और ऐसे चाटने लगी जैसे उसने कभी लंड देखा ही नहीं हो. अब में तो सीधे सांतवे आसमान में पहुँच गया था और सोफे पर जाकर लेट गया. अब वो आराम से मेरा लंड चाट रही थी. फिर मैंने उसके गले तक मेरा लंड घुसा दिया. अब उस साली से सांस भी नहीं ली जा रही थी, वो अब कुछ बोल भी नहीं पा रही थी.
थोड़ी देर के बाद मैंने उसको छोड़ दिया और फिर मैंने उससे कहा कि सिर्फ़ मेरा लंड ही चूसेगी या मेरे अंडो को भी अपने मुँह में लेगी और मैंने ज़बरदस्ती अपने अंडो को उसके मुँह में डाल दिया और फिर से उसका मुँह पूरी तरह से भर गया. अब वो इस बार मज़े ले रही थी, शायद उसको मेरे लंड के अंडे पसंद आ गये थे. अब वो अपने मुँह से मेरे लंड को निकाल ही नहीं रही थी. अब मेरा पानी निकलने वाला था, क्योंकि वो आधे घंटे से मेरे लंड को चूस रही थी.
फिर मैंने पूछा पानी कहाँ निकालूं? तो वो बोली मेरे मुँह में ही डाल दो मुझे इसका टेस्ट बहुत पसंद है. फिर मैंने एकदम से उसके मुँह में लंड घुसाया और पिचकारी छोड़ने लगा. मेरा इतना पानी आज तक नहीं निकला था. अब वो मेरा सारा पानी पी गई. फिर उसने मेरे लंड को भी मस्त चाट लिया. अब में उसके बॉल्स के साथ खेलने लगा और उसके निप्पल एकदम सख़्त थे और उसके बूब्स तो एकम लचीले थे. अब में तो उस पर टूट पड़ा. फिर मैंने सोचा कि अब चलो इसको हैरान किया जाए.
मैंने धीरे से एक उंगली उसकी चूत में घुसा दी. वो तुरंत ही मौन करने लगी. फिर मैंने धीरे-धीरे से उंगली डाली तो उसको मज़ा आने लगा. फिर मैंने एक साथ उसमें 4 उंगली डाल दी और वो चिल्लाने लगी और बोली कि भड़वे निकाल तेरी उंगलियां. लेकिन मैंने उसको दबोच लिया और मैंने उसे छोड़ा ही नहीं. अब उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे थे.
फिर मैंने कहा कि शांत रहो में आज तेरी हर बॉडी पार्ट को लचीला कर दूँगा और उंगली के साथ लंड भी घुसा दिया और वो तो अब मानों बेहोश सी हो गई थी. अब में इतने से नहीं रुका और फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में घुसा दिया और पूरा हाथ उसकी चूत में डालकर ज़ोर से हिलाने लगा, अब उसका पानी निकलने लगा था.
थोड़ी देर में तो मेरा पूरा हाथ गीला हो गया. अब वो भी इन्जॉय कर रही थी तो रानी बोली कि अब बस भी करो और अपना लंड मेरी चूत में पेल दो. फिर मैंने कहा हाँ अभी तो मैंने सिर्फ़ हाथ डालकर तेरी चूत फाड़ी है. अब में लंड से उसे फाड़ता हूँ और तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा. अब वो नॉर्मल पोज़िशन में आ गई और अब उसने मेरे सामने अपनी चूत फैला दी.
फिर मैंने पहली बार अपने लंड को उसकी चूत में डालने के लिए तैयार किया और धीरे से उसके चूत पर लगाया और अंदर डालने लगा, लेकिन उसकी चूत के पानी की वजह से मेरा लंड बार-बार फिसल रहा था. फिर मैंने कहा कि रंडी अपना टावल दे, कितना पानी निकालेगी? और फिर उसकी चूत पर से सारा पानी साफ किया और फिर से अपना लंड उसकी चूत पर लगाकर एक धक्का दिया. वो आधे लंड में ही फिर से चिल्लाने लगी कि धीरे करो, फिर में बोला साली एक तो तुझे चूत की प्यास बुझानी और मुझे धीरे से करने के लिए कह रही है.
अब में बहुत गर्म मूड में आ गया था, फिर मैंने एक झटके में पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसके मुँह को लिप किस करके बंद कर दिया. फिर उसे दर्द तो हुआ, लेकिन कुछ ही मिनटों में उसको मज़ा आने लगा. अब वो भी सामने से झटके देने लगी थी. अब में अचानक से लेट गया और उसको मेरे ऊपर ले लिया और बोला कि चल मेरी घोड़ी अब तू मेरे लंड पर सवारी कर.
अब उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था और अब वो मेरे लंड पर ज़ोर-ज़ोर से उछलने लगी थी. हमारा दूसरा राउंड करीब एक घंटे तक चला. अब उसका तो 3-4 बार पानी निकल गया था, लेकिन मेरा पानी अभी तक नहीं निकला था. वो अब बहुत थक गई थी. फिर मैंने उसको एक टेबल पर लेटाया और अब में खड़े-खड़े उसे चोदने लगा. दोस्तों उसकी चूत तो मानों जन्नत थी.
अब वो तो मौन किए जा रही थी कि पेलते रहो मेरे राजा, अब आखिरकार मेरा निकलने वाला था तो मैंने सारा माल उसकी चूत में ही गिरा दिया. अब उसे बहुत मज़ा आया और मेरा मन अभी भी नहीं भरा था तो मैंने उसको बेड पर लेटाया और कहा कि अपने बूब्स पकड़ लो और मुझे तेरी बूब्स गली में लंड की सैर करनी है. अब मेरा लंड ढीला हो गया था, लेकिन उसके बूब्स देखकर मेरा लंड फिर से थोड़ा-थोड़ा जागने लगा तो मैंने रानी से कहा कि चल उसको जगा. वो तो जैसे इसी का इंतज़ार कर रही थी, वो फिर से मेरे लंड और अंडो को चाटने लगी.
फिर मैंने उसके बूब्स कि गली में लंड को बहुत सैर करवाई और फिर मैंने उसे तीसरे राउंड में डॉगी बनाकर चोदा. अब वो तो अभी मानों बेहोश सी हो गई थी और एक बार डॉगी स्टाइल करते-करते वो तो गिर भी गई थी. फिर भी मैंने उसको छोड़ा नहीं और उसको पीछे की तरफ बेड पर लेटा दिया और उस पर पीछे से ही लंड पेलने लगा. अब उसे मज़ा तो आ रहा था, लेकिन मैंने उसकी सारी एनर्जी ख़त्म कर दी थी. फिर आखिरकार मैंने तीसरी बार अपना पानी उसकी गांड पर छोड़ दिया और फिर मैंने उससे कहा कि चलो अब में अपने काम के लिए निकलता हूँ. वो बोली कि बैंक का काम तो होता ही रहेगा, लेकिन ये काम हर हफ्ते में 2-3 बार मेरे लिए करना पड़ेगा. अब हफ्ते में दो या तीन बार तो में उसको चोद ही देता हूँ.

दुकान में आंटी की मस्ती


में मुंबई में सबअर्ब में रहता हु. मेरी उम्र उस समय २७ साल की थी. और मेरी अभी तक शादी नहीं हुई थी. हमारे एक मारवाड़ी घराने से काफी अच्छे सम्बन्ध थे. इस परिवार में आंटी अंकल और उनके दो बेटे थे. जो २२ और १९सालके थे उस समय वो लोग उनके बड़े बेटे यानी की मनोज के लिए लड़की ढूंढते थे. जो की अच्छी कम्पनी में काम करता था दिख ने में कोई ख़ास नहीं पर इतना बुरा भी नहीं था.
उसी साल उनको मुलुंड से एक अच्छे परिवार से रिश्ता आया लड़का लड़की दोनों ने एक दुसरे को पसंद भी किया मेने भी लड़की को शादी नक्की करने से पहले देखा और लड़की थी भी दिखने में काफी सुन्दर फैर स्वीट, mcom ग्रेज्युएट . फ्रॉम n.m. कॉलेज और चेहरे में इतनी मिठास की किसी का भी दील आ जाए एक ही जलक में मेने जेसे ही लड़की को मिला देखा मेरी तो हालत ही ख़राब हो गयी, हमारा उनके परिवार से कुछ नाता ही एसा था की चोदना तो दूर मगर आँख मारने की भी नहीं सोच सकते उसी महीने में दोनों की शादी तैय हो गयी और १५ दिन के बाद शादी का मुहूर्त निकला तो आंटी मेरे पास आई और कहने लगी की तुजे अबसे रोज हमारे घर पे ही रहना हे जब तक शादी पूरी नहीं हो जाती और मने भी हां कह दिया रुकने के लिए.
ओह एक बात में आपसे कहना भूल गया. की आंटी को भी कोई खास उम्र नहीं थी तक़रीबन ४४ एयर्स की थी उस समय और दिखने में बिलकुल किसी का भी लंड खड़ा कर देवे वेसी थी खेर दुसरे ही दिन में उनके घर पे पहोच गया.

कपडे वगेरा लेकर उनका ३ bhk का फ्लैट था मुंबई सुबुर्ब में अच्छी सोसायटी में मेरे घर पर पहोचते ही आंटी ने कहा चलो काम का लिस्ट तो मेने बना लिया हे दुल्हन के कपडे के लिए भी तुम्ही को मेरे साथ चलना हे क्यू की अंकल शादी के दुसरे काम काज में काफी बीजी रहेंगे मेने कहा ठीक हे जेसे आप कहो पर मन में तो खुस हुआ की दुल्हन के कपडे की पसंद में करूँगा. फिर आंटी ने कहा चलो बोरीवली में कलानिकेतन हे पहले वाही चलते हे मेने कहा आंटी ठीक हे केसे जायेंगे तो बोले की हम ऑटो कर लेंगे में और भी खुस हुआ की चलो ट्राफिक में ड्राइव करने से बचे और ऑटो बेठ कर जाने में आजू बाजू में बहुत अच्छी आइटम देखने को मिल जाती हे और फिर हम निकल पड़े आंटी ने ब्लू कलर की साडी पहनी थी वेसे ही जेसे मारवाड़ी मुस्किल छे चूत देख के पेहेनते हे हम पहोंचे की कलानिकेतन में तक़रीबन दोपहर के १२ बज चुके थे.
जाते ही पहले आंटी ने काउंटर पर कहा की हमें वेडिंग पुर्चेज करनी हे, तो उनके मनेजर ने काफी अच्छी दो क्लॉथ को हमारे पास भेज दिया और कहा की ह तुम दोनों को अब इन का ही ख्याल रखना हे जब तक इब्की शोपिंग पूरी नहीं हो जाती ठीक हे सर कह के उन दोनों हमें साइड वाले रूम में ले गयी जहा खाली हम लोग ही साड़ी देख सके सेल्स गर्ल ठीक ही थी दिखने में एसा लग रहा था की उनका बॉस उनको पूरा दिन चोदता ही रहा होगा. खेर आंटी ने साडी देखने का सुरु कर दिया. और मेने सेल्स गर्ल को देखते देखते ही देखता आंटी आंटी ने तक़रीबन ५०/६० साडी साइड में रख्वादी. में तो उप सेट हो गया की १ घंटे में सारी शोपिंग हो गयी तो मेरे लंड को क्या घंटा मिलेगा..? उतने में आंटी ने कहा की पहले इस साड़ियो को पहन कर दिखाओ.
ताकि परफेक्ट सिलेक्सन आ जावे. और फिर सेल्स गर्ल ने बारी बारी अपने पहने हुए कपडे के ऊपर से साडी की तरह पहन कर दिखाना चालू किया. आंटी ने मुझे पूछा की केसी लग रही हे. साडी मेने कहा अब कपडे के ऊपर पहना हुआ देख कर केसे जजमेंट मिलेगा..? आंटी ने भी कहा यार बात तो सही हे. इसमें समज में मुझे भी नहीं आ रहा हे. तब उन्होंने सेल्स गर्ल से कहा की हम इस तरह सारी जज करने में तकलीफ हो रही हे, कोई उपाय हे तो सेल्स गर्ल ने कहा की बहोत से लोगो को ये प्रॉब्लम होती हे. हमारे पास यहीं बिल्डिंग मेंऊपर एक फ्लैट हे और वह जाते ही मेने कहा वह जाकर क्या होगा..? सेल्स गर्ल ने कहा डिअर पहले ऊपर तो चलो उसे समज में आ गया था की मुझे कुछ मज़ा दिखाने से ही उनका माल बिकेगा उसके डिअर कहते ही आंटी ने मेरी जांग के निचे और घुटी के ऊपर हल्का सा हाथ रखा की जेसे मुझे कह रहि हो तुम्हारा काम बन जाएगा और फिर हम लिफ्ट के लिए चल पड़े.
उपर ३ rd फ्लोर पे रूम था रूम क्या १bhk का फ्लैट ही था और बढ़िया सा रेनोवेट किया हुवा a/cके साथ आंटी जगह देखते ही खुस हुई और स.ग.कहने लगी के ये हुई न कुछ बात चलो अब आराम से देखेंगे मेने भी कहा हा ठीक हे अब बेडरूम खोलते ही स.ग.ने सार्री साडी एक सोफे पे रखी और कहा की अब में आपको १ के बाद एक पहन कर दिखाती हूँ मेने भी पुछा केसे पहनोगी क्या तुम्हारे पास ब्लोजे और पेटी कोट हे..? तो स.ग. ने कहा यहाँ उसकी कोई जरुरत नहीं हे.
में चक्कर में पद गया की वो क्या करने जा रही हे. उतने में उसने अपनी सलवार कमीज से कमीज़ उतार दी और सिर्फ ब्रा में रह गयी थी वो और में सरमाने लगा तो स.ग.ने कहा सरमाये मत ये आप के लिए १ सर्विस ही हे. जिससे आपको चॉइस अच्छी मिले. और लोग आपको कहे की क्या सिलेक्सन किया हे. आप दोनों ने तो आंटी जिद पे चढ़ गयी और कहा हां ठीक ही तो कह रही हे हमारा भी नाम होना चाहिए.
दुल्हन वालो के घर पर इतना सुनते स.ग. टिप्स देने लगी की देखिये ये तो मेने ब्रा पहनी हुई वो ब्लैक कलर की हे तो आप यही समज के ये मेरा कहकर उसने अपने हाथ से अपनी ब्रा को ठीक किया.एसा मन कर रहा था की जाके उसको कह दू की ठीक हे सब साडी पेक कर दो और मुझे चोदने दे दो आंटी. ने कहा ठीक हे मगर पेटी कोट का क्या करोगी..? तो उसने अपनी सलवार खोलते नंगी (सिर्फ पेंटी यार नोट फुल नेकेड) होते हुए कहा आंटी इएकी जरुरत नही. हमें ट्रेनिंग दिया गया हे की बिना पेटी कोट के साडी पहन के दिखने का मुझे क्या क्या सूजी मेने आंटी से कह दिया ठीक हे आंटी आप भी सिख लेना कभी काम आएगा. आंटी ने कहा चल पगले कुछ भी बोलता हे थैंक गोद सी इस नोट अंगरी. फिर सिलसिला चालू हुआ मेरा ध्यान तो सेल्स गर्ल के नंगा बदन देखने में था और मेरा खड़ा लंड छुपाने में ही था. और सोच रहा था की में केसे नेरी किफे की पहली चूत के दीदार कर सकू.
वोह साडी पहन ने लगी और आंटी मुझे पूछने लगी और में भी स.ग. का नंगा बदन देखते देखते हा हा करने लगा. अब ठीक वो १० साडी पहन चुकी थी. और मेने सब में आंटी को हामी भर दी. की हा ठीक हे अब आंटी का ध्यान शायद चला गया था की में स.ग. को देखते ही हामी भर देता था. फिर आंटी ने मुझे नजदीक खीच के कहा की स.ग. को देखने की मज़ा बाद में तुम्हे दिखा दूंगी. पर पहले अच्छा सिलेक्सन करने में मदद करो.
मेरी तो हालत ही खराब हो गयी और सोचा की आंटी क्या सोच रही होग मेरे बारे में..? अब में भी थोडा सीरियस होक सिलेक्सन करने लगा.मगर मुझे अब लग रहा था की आंटी में थोडा सा चेंज आया हूँ. और सोचने लगा की कही वो स.ग. के बहाने खुद के ही जलवे दिखा देगी. खेर में साडी की सिलेक्सन कर रहा था और कभी कभी आंटी का हाथ मेरे बदन से st जाता था. और जेसे आंटी कह रही हो मेरी चूत खुजलाओ बिच बिच में आंटी उस को कई साड़ी पहनने से रोक देती थी. में कुछ समज नहीं पा रहा था. सोचा शायद आंटी को पसंद नहीं होगी. अब तक हम २० साडिया पसंद कर चुके थे बड़ी दूकान होने की वजह से तकलीफ कम और चॉइस ज्यादा थी.
अब आंटी को क्या सूजी मुझे अपनी और खीचा और पूछा क्या मज़ा लोगे उसका मेने भी भोला बनते हुवे कहा केसा मजा आंटी ने आँख नाचते हुए कहा उसका (स.ग) मज़ा मेने कहा केसा मज़ा तो उन्होंने मेरे लंड की और देख् के मुस्कुराते हुवे कहा की ठीक हे रहने दो मुझे भी क्या सूजी कहा ठीक हे जेसा आप कहे और उसके दस मिनिट के बाद मेने देखा जेसे आंटी पेक अप करने की सोच रही हे और मुझे अपने आप पे बडा गुस्सा आ रहा था. की मेने चांस आज खो दिया. जब की दो दो काम होने की उम्मीद दिखाई दे रही थी.
आखिर मुझसे रहा नहीं गया और आंटी से पूछा आंटी आप कुछ मज़ा करवाने को कह रही थी. तो कराओ न आंटी. आंटी ने भी नाटक करते हुए कहा केसा मज़ा और अपना पल्लू ठीक करने लगी. में बिलकुल बावरा हो गया और उनके पल्लू ठीक करते वक्त उनकी बूब्स की कोट लाइन के दीदार देखते ही मानो मुझे कुछ नसा हो गया. और आंटी से प्लीज् प्लीज् करते मिन्नत करने लगा आंटी को जेसे मेरी दया आ गयी हो की उनकी चूत में खुजली हो रही हो पर आंटी ने मेरे गल पे प्यार से हाथ घुमाते हुए कहाकि रुक जा बेटा कराती हु मज़ा.
में भी सोचने लगा की आंटी अब क्या करेगी खेर अब आंटी ने १ हलके क्रीम कलर की साडी उनको पहननेके लिए कहा और स.ग. को कहा की ये २० सेलेक्ट हो गयी हे उसे साइड पे रख दो जी मदम कह के s.g. ने उस २० साडी को साइड पे रख दिया और क्रीम साडी पहनने लगी. फिर आंटी ने मुझे पूछा केसी लग रही हे..? मुझे भी क्या सूजी मेने कहा कुछ भद्दा लग रहे हो.
आंटी भी मन में मुस्कुराने लगी और समज गयी की मेरा इरादा अब चूत से कम नहीं हे, आंटी ने कहा मुझसे की भद्दा केसे लग रहे हे एक काम करो में तुम्हारी साइड आके देखती हु कह के तुरंत वो मेरी गोद में आके बेठ गयी. और मेरे लंड को छू लिया. आई डोंट नो पर लग रहा था जेसे वो मेरे से भी ज्यादा गरम हो चुकी थी. अब वो s.g. को देखने लगी और अपने सर पे हाथ रख के कहा की बुद्धू ये भद्दा नहीं हे ये उसकी पेंटी हे. मेने भी अनजान बनके कहा की क्या मजाक कर रहे हो. उसने कहा रुको और उसने s.g. को थोडा सा वो पोजीसन में आने को कहा अब सेल्स गर्ल हमारे से तक़रीबन ६ इंच दूर थी मन कर रहा था की उसकी चूत में हाथ डाल दू क्यू की पेटी कोट पहना नहीं था. उतने में आंटी ने कहा नीम तो सच नहीं मन रहा हे. न ले एक काम कर तेरा हाथ आगे ला ,और उठाके उसने मेरा हाथ खीच के उसकी पेंटी पर रख के मेरे हाथ की उसकी चूत में ३ ऊँगली पेंटी के ऊपर से ही अन्दर दल्वादी और मेरी ऊँगली छुते ही जेसे की मिजे गिला पण महसूस हुआ मेने कहा आंटी तुम सच कह रही हो ये उसकी पेंटी ही हे फिर मेने कहा आंटी मेरा हाथ कुछ गिला हो गया हे. आंटी बोली रुक जा बेटे. अब तो बहोत कुछ होना बाकी हे. मेने भी पुछा आंटी क्या होना बाकी हे तो पूछा की यार तू सवाल बहोत करता हे. चुप चाप चोदु बनके मज़ा ले. इर फिर आंटी ने सेल्स गर्ल से कहा यार क्या तुम अपनी पेंटी उतार सकती हो उसने कहा कोई प्रोंलेम नहीं हे.
क्या आप खुद उतार दोगे..? नहीं तो मुझे पहले साडी निकालनी पड़ेगी. तो आंटी ने कहा ठीक हे नीम तुम इसकी पेंटी निकाल दो ना और मेने हां कहते हुए कहा ठीक हे आंटी और में उसकी कमर पकड़ के चड्डी निकालने लगा. और मेने जेसे गलती का नाटक करते मेरा हाथ उसकी पेंटी सरक के उसकी चूत में डाल दिया और उसके महसूस आह निकल गयी, उधर आंटी भी जेसे अपनी चूत खुजला रही हो और में अपने हाथ से बिच वाली ऊँगली उसकी चूत में घुमादी और ना जाने क्या हुआ मेरे हाथ पे जेसे बारिस हुई……………. में डर गया और आंटी की और कभी उसकी और देखने लगा उतने में आंटी ने कहा लेले पेंटी निकाल जल्दी कुछ और साडी भी देखनी हे.